(N/A) मेंडल ने दो जीनों की वंशागति का अध्ययन करने के लिए मटर के ऐसे पौधों के बीच संकरण कराया जो दो लक्षणों में भिन्न थे,जैसे बीज का रंग (पीला बनाम हरा) और बीज का आकार (गोल बनाम झुर्रीदार)।
उन्होंने पीले और गोल बीज $(RRYY)$ वाले पौधे का संकरण हरे और झुर्रीदार बीज $(rryy)$ वाले पौधे के साथ कराया।
$F_{1}$ पीढ़ी के सभी पौधे पीले और गोल $(RrYy)$ थे,जो यह दर्शाता है कि पीला रंग हरे रंग पर प्रभावी है और गोल आकार झुर्रीदार आकार पर प्रभावी है।
जब मेंडल ने $F_{1}$ पौधों का स्व-परागण कराया,तो $F_{2}$ पीढ़ी में $9:3:3:1$ के अनुपात में चार प्रकार के लक्षणप्रारूप (phenotypes) दिखाई दिए: पीले-गोल,पीले-झुर्रीदार,हरे-गोल और हरे-झुर्रीदार।
इस प्रयोग ने स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) को प्रदर्शित किया,जो बताता है कि युग्मक निर्माण के दौरान एक लक्षण के जोड़े का पृथक्करण दूसरे लक्षण के जोड़े से स्वतंत्र होता है।